उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में एक ऐतिहासिक पहल की शुरुआत होने जा रही है, जिसमें जिले के 680 गांवों का विस्तृत गजेटियर तैयार किया जाएगा। यह पहली बार होगा जब रामपुर के सभी गांवों की भौगोलिक, ऐतिहासिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जानकारी को एक ही दस्तावेज़ में संकलित किया जाएगा।
इस गजेटियर में प्रत्येक गांव की स्थापना का इतिहास, जनसंख्या, प्रमुख व्यवसाय, शिक्षा व्यवस्था, धार्मिक स्थल, परंपराएं और विकास की स्थिति को विस्तार से दर्ज किया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि यह परियोजना न केवल शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के लिए उपयोगी होगी, बल्कि भविष्य की योजनाओं और विकास कार्यों के लिए भी एक मजबूत आधार प्रदान करेगी।
जिला प्रशासन द्वारा इस कार्य के लिए अलग-अलग विभागों की टीम बनाई जा रही है, जो गांव-गांव जाकर डेटा एकत्र करेगी। इसके अलावा पुराने रिकॉर्ड, स्थानीय बुजुर्गों की जानकारी और सरकारी दस्तावेजों को भी शामिल किया जाएगा ताकि जानकारी अधिक सटीक और प्रमाणिक हो।
इस पहल से रामपुर के गांवों की पहचान को नई मजबूती मिलेगी और जिले की विरासत को संरक्षित करने में भी मदद मिलेगी। साथ ही यह गजेटियर आने वाली पीढ़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज साबित होगा।
