उत्तर प्रदेश का रामपुर जिला अपनी एक अलग पहचान रखता है। इसे ‘नवाबों का शहर’ कहा जाता है। यह शहर न केवल अपनी ऐतिहासिक इमारतों के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यहाँ की वास्तुकला, खान-पान और रामपुरी चाकू की धाक पूरी दुनिया में है। आइए जानते हैं रामपुर के बारे में कुछ खास बातें जो इसे पर्यटन और संस्कृति के लिहाज से महत्वपूर्ण बनाती हैं।
1. रामपुर का गौरवशाली इतिहास
रामपुर रियासत की स्थापना 1774 में नवाब फैजुल्ला खान ने की थी। यह रोहिल्ला पठानों का गढ़ रहा है। आजादी के समय यह उत्तर प्रदेश की पहली ऐसी रियासत थी, जिसने भारतीय संघ में विलय को सबसे पहले स्वीकार किया था। आज भी यहाँ की गलियों में नवाबी दौर की झलक देखने को मिलती है।
2. रज़ा लाइब्रेरी (Raza Library): ज्ञान का खजाना
अगर आप किताबों और पुरानी पांडुलिपियों के शौकीन हैं, तो रामपुर की रज़ा लाइब्रेरी किसी स्वर्ग से कम नहीं है। यह एशिया की सबसे पुरानी और बड़ी लाइब्रेरियों में से एक है। यहाँ हजारों दुर्लभ अरबी, फारसी और संस्कृत की पांडुलिपियां मौजूद हैं। इसकी भव्य इमारत की वास्तुकला इंडो-इस्लामिक शैली का बेहतरीन नमूना है।
3. रामपुरी चाकू और पतंग उद्योग
रामपुर की पहचान ‘रामपुरी चाकू’ के बिना अधूरी है। हालांकि, वक्त के साथ इस उद्योग में बदलाव आए हैं, लेकिन आज भी लोग यहाँ के नक्काशीदार चाकुओं को शौकिया तौर पर पसंद करते हैं। इसके अलावा, रामपुर की पतंगबाजी और पतंग बनाने की कला भी देश भर में प्रसिद्ध है।
4. रामपुरी खान-पान (Cuisine)
रामपुर का मुगली और नवाबी खाना लखनऊ और दिल्ली से बिल्कुल अलग स्वाद रखता है। यहाँ का ‘रामपुरी कोरमा’, ‘सोटा कबाब’ और मीठे में ‘गुलठी’ और ‘अदरक का हलवा’ पूरी दुनिया में मशहूर है। यहाँ के मसालों का संतुलन इसे खास बनाता है।
5. पर्यटन के प्रमुख केंद्र
- जामा मस्जिद: रामपुर की जामा मस्जिद अपनी खूबसूरती और विशाल गुंबदों के लिए जानी जाती है।
- कोठी खास बाग: यह नवाबों का पुराना निवास स्थान है, जो अपनी हरियाली और वास्तुकला के लिए मशहूर है।
- गांधी समाधि: यहाँ महात्मा गांधी की अस्थियों का एक हिस्सा रखा गया है, जो इस शहर को राष्ट्रीय गौरव से जोड़ता है।