नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच Strait of Hormuz में भारतीय नाविकों वाले एक जहाज पर हुए हमले में गुजरात के एक नाविक की मौत हो गई। यह घटना 2 नवंबर को हुई। जहाज पर कुल 14 भारतीय सवार थे, जिनमें से 13 को ओमान के कोस्ट गार्ड ने सुरक्षित बचा लिया। मृतक की पहचान गुजरात निवासी गांधार नाहीम अजीज के रूप में हुई है। हमले के बाद क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और व्यापारिक जहाजों की आवाजाही को लेकर चिंता बढ़ गई है।
MSV अल जुसुफी पर हुआ हमला, हमलावरों की पहचान नहीं
हमले का शिकार हुए जहाज का नाम MSV अल जुसुफी बताया गया है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि जहाज पर हमला किस तरह किया गया और इसके पीछे किसका हाथ था। घटना के बाद ओमान के कोस्ट गार्ड ने जहाज पर मौजूद भारतीयों को बचाने के लिए कार्रवाई की। हालांकि, हादसे में गांधार नाहीम अजीज की जान नहीं बचाई जा सकी।
घटना के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाए जाने पर चिंता जताई। मंत्रालय ने कहा कि वाणिज्यिक जहाजों पर हमले बंद होने चाहिए और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर जहाजों की आवाजाही तथा व्यापार बिना किसी बाधा के जारी रहना चाहिए।
29 अक्टूबर को MT लुईस 1 टैंकर पर भी हुआ था हमला
होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय चालक दल वाले जहाज पर यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 29 अक्टूबर को 27 भारतीय क्रू सदस्यों वाले पनामा के झंडे वाले तेल टैंकर MT लुईस 1 को भी निशाना बनाया गया था। जानकारी के अनुसार, एक छोटी नाव जहाज के पास पहुंची थी। उसमें सवार लोगों ने जहाज के बाहरी हिस्से पर दो विस्फोटक उपकरण चिपकाए और वहां से चले गए।
कुछ देर बाद दोनों विस्फोटकों में धमाका हुआ, जिससे जहाज के इंजन रूम में आग लग गई और इंजन कुछ समय के लिए बंद हो गया। हालांकि, चालक दल ने आग पर काबू पा लिया। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बताया था कि जहाज पर सवार सभी 27 भारतीय सुरक्षित हैं और किसी को चोट नहीं आई। इस हमले के लिए भी किसी पक्ष की जिम्मेदारी की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई थी।
MT लुईस 1 पर हुए हमले से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने इस महत्वपूर्ण समुद्री क्षेत्र में जहाजों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
होर्मुज और आसपास के समुद्री क्षेत्र में 122 जहाजों पर हमले
अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के आंकड़ों के मुताबिक, 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान संघर्ष शुरू होने के बाद से 30 अक्टूबर तक फारस की खाड़ी, होर्मुज स्ट्रेट और ओमान की खाड़ी में कुल 122 जहाजों पर हमले हुए। ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा एजेंसी UKMTO के अनुसार, अक्टूबर में अकेले होर्मुज स्ट्रेट और उसके आसपास जहाजों पर 30 से अधिक हमलों की घटनाएं दर्ज की गईं। यह संघर्ष शुरू होने के बाद किसी एक महीने में दर्ज हमलों की सबसे बड़ी संख्या बताई गई।
इन घटनाओं में व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाए जाने से समुद्री परिवहन कंपनियों, नाविकों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़े देशों की चिंता बढ़ी है। विशेष रूप से भारतीय नाविकों की मौजूदगी वाले जहाजों पर हमलों ने भारत के लिए भी सुरक्षा संबंधी चुनौती पैदा की है।
दुनिया की तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम है होर्मुज स्ट्रेट
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में शामिल है। फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ने वाला यह संकरा जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम है। दुनिया के तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचता है।
इस समुद्री मार्ग पर लगातार हमले होने या जहाजों की आवाजाही बाधित होने से कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। इसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों, परिवहन लागत और विभिन्न देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ सकता है। तेल के अलावा खाद, खाद्य सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी समुद्री परिवहन पर निर्भर करती है।
जयशंकर ने G20 बैठक में उठाया था समुद्री सुरक्षा का मुद्दा
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच भारत ने व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी उठाया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने G20 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में समुद्री मार्गों पर हमलों का विषय उठाते हुए कहा था कि इसका असर गरीब और विकासशील देशों पर अधिक पड़ रहा है।
उन्होंने चिंता जताई थी कि समुद्री परिवहन बाधित होने से पेट्रोल-डीजल, खाद्य सामग्री और उर्वरकों की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। इससे इन आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भी बढ़ोतरी होने का खतरा है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों को सुरक्षित रखने और व्यापारिक जहाजों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
होर्मुज स्ट्रेट में लगातार हो रही घटनाओं के बीच भारतीय नाविकों की सुरक्षा एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है। एक ओर 13 भारतीयों को सुरक्षित बचाया जाना राहत की बात है, वहीं गुजरात के नाविक गांधार नाहीम अजीज की मौत ने इस संकट की गंभीरता को सामने ला दिया है। व्यापारिक जहाजों पर हमलों की जिम्मेदारी तय होना और समुद्री मार्गों पर सुरक्षा सुनिश्चित करना अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने बड़ी चुनौती है।
होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय नाविक की मौत और लगातार बढ़ते जहाजों पर हमलों ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि पश्चिम एशिया का संघर्ष केवल क्षेत्रीय सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और समुद्र में काम करने वाले नाविकों की सुरक्षा पर भी पड़ रहा है।
