नई दिल्ली। अगर आप Post Office के जरिए स्पीड पोस्ट, रजिस्टर्ड पोस्ट या जवाबदेह डाक भेजने जा रहे हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। डाक विभाग ने डाक बुकिंग से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। अब आम ग्राहकों के लिए डाक भेजते समय प्रेषक और प्राप्तकर्ता दोनों का मोबाइल नंबर देना अनिवार्य होगा।
यानी अगर आप डाकघर में ऐसी डाक लेकर पहुंचते हैं और प्रेषक या प्राप्तकर्ता का मोबाइल नंबर उपलब्ध नहीं कराते हैं, तो सामान्य परिस्थितियों में डाक की बुकिंग नहीं की जाएगी। पहले कुछ परिस्थितियों में ग्राहक के मोबाइल नंबर देने से इनकार करने पर भी डाक की बुकिंग करने की छूट थी, लेकिन अब इस व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है।
डाक विभाग ने यह बदलाव डाक की ट्रैकिंग, डिलीवरी अपडेट और ग्राहक संतुष्टि को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किया है।
अब मोबाइल नंबर के बिना नहीं होगी सामान्य बुकिंग
नए नियम के अनुसार आम जनता के लिए पंजीकृत या जवाबदेह डाक की बुकिंग के समय मोबाइल नंबर देना जरूरी होगा। प्रेषक यानी डाक भेजने वाले व्यक्ति का नंबर और प्राप्तकर्ता यानी जिसे डाक भेजी जा रही है, उसका मोबाइल नंबर सिस्टम में दर्ज किया जाएगा।
इसका सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो अब तक मोबाइल नंबर दिए बिना रजिस्ट्री या स्पीड पोस्ट जैसी सेवाओं का इस्तेमाल कर लेते थे। अब सामान्य मामलों में इस तरह की डाक को बिना मोबाइल नंबर के स्वीकार नहीं किया जाएगा।
डाक विभाग का मानना है कि मोबाइल नंबर उपलब्ध होने से डाक की पूरी प्रक्रिया को ज्यादा प्रभावी तरीके से ट्रैक किया जा सकेगा और जरूरत पड़ने पर ग्राहक तक सूचना पहुंचाना आसान होगा।
पुरानी छूट को किया गया खत्म
पहले यदि कोई ग्राहक मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने से मना करता था, तो कुछ परिस्थितियों में डाक विभाग के पास बिना मोबाइल नंबर के भी बुकिंग करने की व्यवस्था थी। अब यह छूट खत्म कर दी गई है।
यानी केवल यह कह देना कि मोबाइल नंबर उपलब्ध नहीं है या नंबर नहीं देना चाहते, सामान्य डाक बुकिंग के लिए पर्याप्त नहीं होगा। निर्धारित जानकारी उपलब्ध कराना अब बुकिंग प्रक्रिया का अनिवार्य हिस्सा होगा।
डाक विभाग ने यह कदम इसलिए उठाया है क्योंकि मोबाइल नंबर के अभाव में कई स्तरों पर डाक सेवा की प्रक्रिया प्रभावित हो रही थी।
मोबाइल नंबर से क्या होगा फायदा?
डाक विभाग के मुताबिक मोबाइल नंबर उपलब्ध नहीं होने से डाक की ट्रैकिंग, डिलीवरी संबंधी सूचना और ग्राहक संतुष्टि पर प्रतिकूल असर पड़ रहा था।
मोबाइल नंबर दर्ज होने के बाद डाक से संबंधित जरूरी सूचनाएं ग्राहक तक पहुंचाने में सुविधा होगी। इससे डिलीवरी प्रक्रिया के दौरान संपर्क स्थापित करना भी आसान हो सकता है।
किसी डाक की स्थिति जानने, डिलीवरी से संबंधित अपडेट पाने या किसी समस्या की स्थिति में ग्राहक से संपर्क करने जैसे मामलों में मोबाइल नंबर उपयोगी साबित हो सकता है।
यही वजह है कि संचार मंत्रालय के अधीन डाक विभाग ने सामान्य ग्राहकों के लिए मोबाइल नंबर की अनिवार्यता को लागू किया है।
किन डाक सेवाओं पर लागू होगा नया नियम?
नया प्रावधान मुख्य रूप से पंजीकृत और जवाबदेह डाक से जुड़ा है। इसमें ऐसी डाक शामिल है जिसके लिए बुकिंग और डिलीवरी का रिकॉर्ड रखा जाता है तथा जिसकी जिम्मेदारी डाक विभाग की प्रणाली के माध्यम से तय होती है।
स्पीड पोस्ट और रजिस्टर्ड पोस्ट जैसी सेवाओं का इस्तेमाल सरकारी दस्तावेज, कानूनी कागजात, शैक्षणिक प्रमाणपत्र, महत्वपूर्ण पत्राचार और अन्य जरूरी दस्तावेज भेजने के लिए बड़ी संख्या में किया जाता है।
ऐसे में इन सेवाओं के जरिए डाक भेजने वाले आम ग्राहकों को बुकिंग के समय मोबाइल नंबर उपलब्ध रखना होगा।
हालांकि हर मामले में मोबाइल नंबर अनिवार्य नहीं
डाक विभाग ने नियम में बदलाव किया है, लेकिन कुछ विशेष श्रेणियों को छूट भी दी गई है। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि हर तरह की डाक के लिए हर स्थिति में प्रेषक और प्राप्तकर्ता दोनों के मोबाइल नंबर अनिवार्य होंगे।
कुछ विशेष मामलों में पुराने प्रावधानों के तहत छूट जारी रखी गई है।
अंतरराष्ट्रीय डाक में प्राप्तकर्ता का नंबर जरूरी नहीं
अगर डाक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भेजी जा रही है, तो प्राप्तकर्ता का मोबाइल नंबर देना अनिवार्य नहीं होगा।
यानी विदेश भेजी जाने वाली डाक के मामले में recipient यानी प्राप्तकर्ता के मोबाइल नंबर को लेकर सामान्य नियम में छूट रखी गई है।
हालांकि संबंधित डाक की श्रेणी और बुकिंग प्रक्रिया के अनुसार अन्य जरूरी विवरण देने होंगे।
सरकारी विभागों को भेजी जाने वाली डाक में भी छूट
केंद्र सरकार या राज्य सरकार के विभागों को भेजी जाने वाली डाक के मामले में प्राप्तकर्ता का मोबाइल नंबर अनिवार्य नहीं होगा।
इसी तरह अदालतों और केंद्रीय सतर्कता आयोग यानी CVC जैसे संवैधानिक निकायों के कार्यालयों को भेजी जाने वाली डाक में भी प्राप्तकर्ता का मोबाइल नंबर देने की जरूरत नहीं होगी।
इसका मतलब है कि सरकारी कार्यालयों और कुछ निर्धारित संस्थागत प्राप्तकर्ताओं के लिए नियम में विशेष व्यवस्था रखी गई है।
बल्क मेलर्स को प्रेषक के नंबर से छूट
जो संस्थाएं या ग्राहक अनुबंध के तहत बल्क मेल भेजते हैं, उन्हें भी प्रेषक का मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने से छूट दी गई है।
बल्क मेलर्स ऐसे ग्राहक या संस्थाएं होती हैं जो बड़ी मात्रा में डाक भेजती हैं और जिनकी बुकिंग डाक विभाग के साथ निर्धारित व्यवस्था या अनुबंध के तहत होती है।
ऐसे मामलों में सामान्य ग्राहक वाली मोबाइल नंबर अनिवार्यता उसी रूप में लागू नहीं होगी।
CVC को PIDPI के तहत भेजे गए पत्रों में भी विशेष छूट
डाक विभाग ने CVC को PIDPI के तहत भेजे जाने वाले पत्रों के लिए भी विशेष व्यवस्था रखी है।
PIDPI यानी Public Interest Disclosure and Protection of Informers के तहत भेजे गए पत्रों में प्रेषक का मोबाइल नंबर अनिवार्य नहीं होगा। यह छूट इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इस श्रेणी के पत्रों की प्रकृति अन्य सामान्य डाक से अलग होती है।
इस तरह के मामलों में शिकायतकर्ता या सूचना देने वाले की पहचान से संबंधित संवेदनशीलता को देखते हुए मोबाइल नंबर की अनिवार्यता से छूट दी गई है।
छूट वाले मामलों में सिस्टम में क्या दर्ज होगा?
अब सवाल यह है कि जब किसी विशेष श्रेणी को मोबाइल नंबर देने से छूट है तो डाक विभाग के सिस्टम में क्या दर्ज किया जाएगा?
प्रतापपुरा प्रधान डाकघर के प्रवर डाकपाल एसके जैन के अनुसार, जिन विशेष मामलों में मोबाइल नंबर देने से छूट लागू है, वहां बुकिंग के समय सिस्टम में डमी मोबाइल नंबर 1234567890 दर्ज किया जाएगा।
इसका मतलब यह है कि सिस्टम में मोबाइल नंबर वाले फील्ड को खाली नहीं छोड़ा जाएगा, बल्कि निर्धारित डमी नंबर का इस्तेमाल किया जाएगा।
आम ग्राहक डाकघर जाने से पहले क्या ध्यान रखें?
नए नियम लागू होने के बाद आम लोगों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि स्पीड पोस्ट या रजिस्टर्ड डाक भेजते समय अपना मोबाइल नंबर और प्राप्तकर्ता का मोबाइल नंबर पहले से तैयार रखें।
अगर प्राप्तकर्ता का मोबाइल नंबर उपलब्ध नहीं है तो सामान्य बुकिंग में समस्या आ सकती है। इसलिए महत्वपूर्ण दस्तावेज भेजने से पहले संबंधित व्यक्ति से मोबाइल नंबर प्राप्त कर लेना बेहतर होगा।
हालांकि अगर डाक किसी ऐसी श्रेणी में आती है जिसे विभाग ने विशेष छूट दी है, तो संबंधित अपवाद लागू होगा।
मोबाइल नंबर की अनिवार्यता क्यों बढ़ाई गई?
डाक विभाग की व्यवस्था अब तेजी से डिजिटल हो रही है। डाक की बुकिंग से लेकर उसके वितरण तक कई प्रक्रियाएं कंप्यूटर आधारित सिस्टम के जरिए संचालित होती हैं।
ऐसे में ग्राहक की संपर्क जानकारी उपलब्ध होने से पूरी प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित करने में मदद मिलती है। डाक की स्थिति, डिलीवरी और अन्य जरूरी जानकारी के लिए मोबाइल नंबर उपयोगी संपर्क माध्यम बन चुका है।
विभाग के अनुसार पहले मोबाइल नंबर उपलब्ध नहीं होने के कारण डाक की ट्रैकिंग और डिलीवरी संबंधी सूचना में कठिनाई आती थी। इसके अलावा ग्राहक संतुष्टि पर भी इसका असर पड़ रहा था।
स्पीड पोस्ट और रजिस्ट्री भेजने वालों के लिए बदला क्या?
पहले कई ग्राहक यह मानकर चलते थे कि रजिस्टर्ड डाक या स्पीड पोस्ट के लिए केवल नाम और पता पर्याप्त होगा। अब सामान्य बुकिंग प्रक्रिया में यह जानकारी पर्याप्त नहीं मानी जाएगी।
प्रेषक और प्राप्तकर्ता की जानकारी के साथ मोबाइल नंबर भी देना होगा। इसलिए डाकघर जाने से पहले जरूरी विवरण तैयार रखना जरूरी है।
विशेष रूप से सरकारी दस्तावेज, नौकरी से जुड़े कागजात, कानूनी नोटिस, प्रमाणपत्र या अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज भेजने वाले लोगों को नए नियम का ध्यान रखना चाहिए।
किसे सबसे ज्यादा सावधान रहना होगा?
इस बदलाव का सबसे सीधा असर आम ग्राहकों पर पड़ेगा, क्योंकि उनके लिए मोबाइल नंबर देना अब सामान्य नियम का हिस्सा है।
इसके अलावा ऐसे लोग जो नियमित रूप से अदालतों, सरकारी विभागों या अन्य संस्थानों को डाक भेजते हैं, उन्हें यह समझना होगा कि किस श्रेणी में प्राप्तकर्ता के मोबाइल नंबर से छूट उपलब्ध है।
वहीं बल्क मेलर्स और PIDPI के तहत CVC को पत्र भेजने वालों के लिए अलग प्रावधान लागू होंगे।
इसलिए डाक की प्रकृति और प्राप्तकर्ता की श्रेणी के आधार पर नियम अलग हो सकता है।
डाकघर जाने से पहले ये जानकारी रखें तैयार
अगर आप सामान्य रूप से स्पीड पोस्ट या रजिस्टर्ड डाक भेज रहे हैं तो बुकिंग को आसान बनाने के लिए अपने पास ये जानकारी रखना उपयोगी होगा—
- प्रेषक का पूरा नाम और पता
- प्रेषक का मोबाइल नंबर
- प्राप्तकर्ता का पूरा नाम और पता
- प्राप्तकर्ता का मोबाइल नंबर
- भेजी जा रही डाक से संबंधित आवश्यक विवरण
- यदि मामला किसी विशेष छूट वाली श्रेणी में आता है तो उससे संबंधित जानकारी
इससे बुकिंग काउंटर पर अनावश्यक परेशानी या देरी से बचा जा सकता है।
डाकघर के नए नियम से ग्राहकों को क्या समझना चाहिए?
कुल मिलाकर Post Office New Rules में सबसे बड़ा बदलाव सामान्य ग्राहकों के लिए मोबाइल नंबर की अनिवार्यता है। अब पंजीकृत या जवाबदेह डाक की सामान्य बुकिंग में प्रेषक और प्राप्तकर्ता दोनों के मोबाइल नंबर देने होंगे।
वहीं अंतरराष्ट्रीय डाक, केंद्र और राज्य सरकार के विभागों, अदालतों, CVC जैसे निर्धारित कार्यालयों, अनुबंधित बल्क मेलर्स और PIDPI के तहत CVC को भेजे जाने वाले पत्रों के लिए अलग-अलग छूट का प्रावधान रखा गया है।
यानी डाकघर से महत्वपूर्ण डाक भेजने से पहले केवल पता ही नहीं, बल्कि मोबाइल नंबर और डाक की श्रेणी भी ध्यान में रखना जरूरी हो गया है।
डाकघर की बुकिंग प्रक्रिया में मोबाइल नंबर अब पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है। सामान्य पंजीकृत या जवाबदेह डाक भेजने वाले ग्राहकों को प्रेषक और प्राप्तकर्ता दोनों के मोबाइल नंबर देने होंगे। हालांकि अंतरराष्ट्रीय डाक, सरकारी विभागों, अदालतों, CVC, अनुबंधित बल्क मेलर्स और PIDPI के तहत भेजे गए कुछ पत्रों के लिए विशेष छूट जारी है। छूट वाले मामलों में सिस्टम में डमी मोबाइल नंबर 1234567890 दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई है।
