जापान के आइची-नागोया में आयोजित Asian Para Games 2026 का शनिवार को समापन हो गया। क्लोजिंग सेरेमनी में भारत की ओर से दो बार गोल्ड मेडल जीतने वाले निशाद कुमार और मोना अग्रवाल ने तिरंगा थामा। इस बार भारतीय पैरा एथलीटों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 114 मेडल अपने नाम किए और मेडल टैली में चौथा स्थान हासिल किया। यह एशियन पैरा गेम्स के इतिहास में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
भारत ने प्रतियोगिता में 30 गोल्ड, 35 सिल्वर और 49 ब्रॉन्ज मेडल जीते। इस उपलब्धि के साथ भारतीय खिलाड़ियों ने पिछले संस्करण में हासिल किए गए 108 मेडल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। अलग-अलग खेलों में खिलाड़ियों के दमदार प्रदर्शन ने देश को नई ऊंचाई पर पहुंचाया और भारतीय पैरा खेलों की बढ़ती ताकत को दिखाया।
चीन 435 मेडल के साथ पहले स्थान पर रहा
एशियन पैरा गेम्स 2026 की मेडल टैली में चीन ने अपना दबदबा कायम रखा। चीनी खिलाड़ियों ने कुल 435 मेडल जीतकर पहला स्थान हासिल किया। मेजबान जापान 186 मेडल के साथ दूसरे और उज्बेकिस्तान 145 मेडल के साथ तीसरे स्थान पर रहा। भारत 114 मेडल के साथ चौथे स्थान पर रहा, जबकि दक्षिण कोरिया ने कुल 100 मेडल जीतकर पांचवां स्थान हासिल किया।
प्रतियोगिता के अंतिम दिन दक्षिण कोरिया ने तीन और मेडल जीते, जिनमें एक गोल्ड शामिल था। इसके बावजूद वह भारत से आगे नहीं निकल सका। इस तरह भारतीय दल ने चौथा स्थान बरकरार रखते हुए अपने अभियान का समापन किया।
भारत के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास रही क्योंकि खिलाड़ियों ने एथलेटिक्स के साथ-साथ बैडमिंटन, तीरंदाजी, शूटिंग और अन्य स्पर्धाओं में भी शानदार प्रदर्शन किया। अलग-अलग खेलों में मिले मेडल ने देश की कुल संख्या को रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़कर भारत ने रचा इतिहास
भारत का पिछला सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2023 में चीन के हांगझोउ में आयोजित एशियन पैरा गेम्स में रहा था, जहां भारतीय दल ने कुल 108 मेडल जीते थे। इस बार 114 मेडल के साथ भारत ने अपने पिछले रिकॉर्ड में सुधार किया। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारतीय दल ने इस प्रतियोगिता में 168 पैरा एथलीटों के साथ हिस्सा लिया था।
भारतीय खिलाड़ियों ने कई स्पर्धाओं में गोल्ड मेडल जीतने के साथ रिकॉर्ड भी बनाए। पैरा एथलेटिक्स ने भारत की मेडल संख्या बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई, जबकि पैरा बैडमिंटन, शूटिंग, तीरंदाजी और तैराकी में भी खिलाड़ियों ने महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल कीं। इस प्रदर्शन ने दिखाया कि भारत अब पैरा खेलों की कई विधाओं में प्रतिस्पर्धी क्षमता विकसित कर रहा है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने खिलाड़ियों को दी बधाई
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत के रिकॉर्ड 114 मेडल जीतने पर खुशी और गर्व जताया। उन्होंने खिलाड़ियों की मेहनत, लगन और खुद पर भरोसे को इस असाधारण सफलता का आधार बताया।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय पैरा एथलीटों का प्रदर्शन युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। उनकी उपलब्धियां यह संदेश देती हैं कि चुनौतियों से घबराने के बजाय बड़े सपने देखने चाहिए और उन्हें पूरा करने के लिए समर्पण के साथ मेहनत करनी चाहिए। खिलाड़ियों की सफलता युवाओं को सकारात्मक रहने और कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
निशाद कुमार ने हाई जंप और लॉन्ग जंप में जीते गोल्ड
भारतीय पैरा एथलीट निशाद कुमार ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में दो गोल्ड मेडल जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने पुरुषों की T47 कैटेगरी में हाई जंप और लॉन्ग जंप स्पर्धाओं में पहला स्थान हासिल किया। हाई जंप में उन्होंने 2.04 मीटर की छलांग लगाकर गेम्स रिकॉर्ड भी बनाया।
निशाद इससे पहले टोक्यो और पेरिस पैरालिंपिक में सिल्वर मेडल जीत चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन ने उन्हें भारत के प्रमुख पैरा एथलीटों में शामिल किया है। नागोया में दो गोल्ड जीतने के बाद उन्हें क्लोजिंग सेरेमनी में भारतीय दल का ध्वजवाहक बनने का सम्मान मिला।
निशाद की सफलता ने एक बार फिर साबित किया कि निरंतर अभ्यास, आत्मविश्वास और मजबूत इच्छाशक्ति के दम पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।
मोना अग्रवाल ने शूटिंग में दो गोल्ड जीतकर बनाए रिकॉर्ड
भारतीय पैरा शूटर मोना अग्रवाल ने भी एशियन पैरा गेम्स 2026 में दो गोल्ड मेडल जीतकर देश का मान बढ़ाया। उन्होंने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 स्पर्धा में 250 अंक हासिल किए और गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
इसके बाद मोना ने महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस SH1 स्पर्धा में 357.5 अंक हासिल करके एक और गोल्ड जीता। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने विश्व रिकॉर्ड बनाया। दो स्पर्धाओं में उनकी सफलता ने भारतीय शूटिंग दल के प्रदर्शन को मजबूती दी।
मोना और निशाद, दोनों ने प्रतियोगिता में दो-दो गोल्ड मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। क्लोजिंग सेरेमनी में दोनों को तिरंगा थामने की जिम्मेदारी मिलना उनके शानदार प्रदर्शन और भारतीय दल में उनके योगदान का सम्मान रहा।
45 देशों के खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा
आइची-नागोया में आयोजित एशियन पैरा गेम्स 2026 में 45 देशों के करीब 4,000 खिलाड़ियों और स्टाफ ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में विभिन्न खेलों के जरिए पैरा एथलीटों ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। जापान ने पहली बार इस प्रतियोगिता की मेजबानी की।
एशियन पैरा गेम्स का पहला संस्करण 2010 में चीन के ग्वांगझोउ में आयोजित किया गया था। इसके बाद यह प्रतियोगिता एशिया के पैरा खिलाड़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच बन गई। हर संस्करण में खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और विभिन्न देशों के एथलीटों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिलता है।
2030 में दोहा करेगा अगले एशियन पैरा गेम्स की मेजबानी
एशियन पैरा गेम्स का अगला संस्करण वर्ष 2030 में कतर की राजधानी दोहा में आयोजित किया जाएगा। नागोया में प्रतियोगिता के समापन के बाद अब खिलाड़ियों की नजर अगले संस्करण और भविष्य की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं पर रहेगी।
भारत के लिए 114 मेडल और चौथा स्थान एक नया मानक है। इस प्रदर्शन से देश के पैरा खेलों को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। खिलाड़ियों की उपलब्धियां यह भी रेखांकित करती हैं कि बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाओं और निरंतर सहयोग के जरिए भारतीय पैरा एथलीट अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में और बड़ी सफलताएं हासिल कर सकते हैं।
एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत ने 30 गोल्ड, 35 सिल्वर और 49 ब्रॉन्ज सहित कुल 114 मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। निशाद कुमार और मोना अग्रवाल ने दो-दो गोल्ड मेडल जीतने के बाद क्लोजिंग सेरेमनी में तिरंगा थामा। भारत का यह प्रदर्शन देश के पैरा खेलों के लिए एक बड़ी उपलब्धि बन गया है।
