शिवा शर्मा हत्याकांड में बड़ा एक्शन, ACP रजनीश वर्मा हटाए गए; 10 दिन से फरार Shraddha Dubey ने वीडियो जारी कर उठाए सवाल


लखनऊ। कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में पुलिस महकमे में कार्रवाई का सिलसिला तेज हो गया है। मामले में पुलिस कमिश्नर ने एक और बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए एसीपी हजरतगंज रजनीश वर्मा को उनके पद से हटा दिया है। इससे पहले डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर को भी हटाया जा चुका है, जबकि हजरतगंज के इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को लाइन हाजिर किया गया था। दूसरी ओर, मामले में मुख्य आरोपी बताई जा रही मॉडल Shraddha Dubey अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।

इस बीच श्रद्धा दुबे का एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें वह खुद को बेगुनाह बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है। वीडियो में उसने शिवा शर्मा की मौत को आत्महत्या बताते हुए बिल्डिंग के सीसीटीवी फुटेज की जांच पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, श्रद्धा के बयान उसके अपने दावे हैं और मामले में वास्तविक घटनाक्रम की पुष्टि जांच तथा उपलब्ध साक्ष्यों से ही हो सकेगी।

पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई, गिरफ्तारी अब भी चुनौती

शिवा शर्मा की मौत के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने को लेकर पुलिस प्रशासन पर दबाव बढ़ा है। घटना के करीब दस दिन बाद भी श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इसी बीच पुलिस विभाग में जवाबदेही तय करने के तहत अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है। एसीपी हजरतगंज रजनीश वर्मा को पद से हटाने का कदम इसी घटनाक्रम के बीच सामने आया है।

इससे पहले डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर को भी उनके पद से हटाया गया था। वहीं, हजरतगंज थाने के इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया। बताया गया है कि विक्रम सिंह आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए बनाई गई टीम में भी शामिल हैं। फिलहाल उनकी जगह नए इंस्पेक्टर की तैनाती की जानकारी सामने नहीं आई है।

लगातार हो रही प्रशासनिक कार्रवाई के बीच अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती मामले की जांच को आगे बढ़ाने के साथ-साथ फरार आरोपी तक पहुंचना है। श्रद्धा दुबे की तलाश में कई विशेष टीमें जुटी हुई हैं और पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश देने का दावा कर रही है।

नए वीडियो में श्रद्धा दुबे ने खुद को बताया बेगुनाह

शिवा शर्मा की मौत के मामले में फरार चल रही श्रद्धा दुबे का रविवार को एक मीडिया संस्थान से बातचीत का वीडियो सामने आया। करीब तीन मिनट 56 सेकंड के इस वीडियो में श्रद्धा ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया और निष्पक्ष जांच की मांग की। उसका कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच होनी चाहिए और उपलब्ध साक्ष्यों को सामने लाया जाना चाहिए।

वीडियो में श्रद्धा ने दावा किया कि शिवा शर्मा ने आत्महत्या की थी। उसके मुताबिक, उसने शिवा को अपनी बिल्डिंग की चौथी मंजिल से छलांग लगाते हुए देखा था। उसने कहा कि बिल्डिंग में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सामने आने से घटना की सच्चाई स्पष्ट हो सकती है।

श्रद्धा ने सवाल उठाया कि जब नेपाल बॉर्डर के कैमरों की जांच की गई, तो उसकी बिल्डिंग के सीसीटीवी फुटेज अब तक क्यों नहीं निकाले गए। उसका दावा है कि इन फुटेज की जांच से उसकी बेगुनाही सामने आ सकती है। हालांकि, सीसीटीवी फुटेज में क्या दर्ज है और उससे घटना के बारे में क्या जानकारी मिल सकती है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

चार महीने से जानने का दावा, रिश्ते की कहानी भी बताई

वीडियो में श्रद्धा दुबे ने बताया कि वह शिवा शर्मा को करीब चार महीने से जानती थी। उसके मुताबिक, दोनों के बीच बातचीत होने की पुष्टि कॉल डिटेल रिकॉर्ड से की जा सकती है। उसने दावा किया कि शुरुआती ढाई महीने तक शिवा उसके दोस्त थे और उसके घर नहीं आते थे। करीब डेढ़ महीने पहले शिवा का उसके घर आना-जाना शुरू हुआ था।

श्रद्धा का कहना है कि इतने कम समय में उनके संबंध इस स्तर तक खराब नहीं हुए थे कि वे एक-दूसरे के खिलाफ ऐसा कदम उठाने के बारे में सोचते। उसने अपने और शिवा के बीच संबंधों को लेकर सामने आ रहे आरोपों पर सवाल उठाए और कहा कि मामले की जांच बातचीत के रिकॉर्ड तथा दूसरे उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होनी चाहिए।

उसके इन बयानों की पुष्टि अभी स्वतंत्र रूप से नहीं हुई है। मामले की जांच कर रही एजेंसियों के लिए दोनों के बीच संबंधों की प्रकृति, घटनाक्रम और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों का सत्यापन महत्वपूर्ण होगा।

शिवा की मां के बारे में भी किया दावा

श्रद्धा ने वीडियो में यह भी कहा कि शिवा शर्मा की मां उसे पसंद नहीं करती थीं। इसकी वजह बताते हुए उसने संभावना जताई कि वह शिवा से एक या दो साल बड़ी थी। यह श्रद्धा का निजी दावा है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।

उसने यह भी कहा कि शिवा ने उसे बताया था कि उन पर करीब 16 से 17 लाख रुपये का कर्ज था और उन्होंने उससे भी पैसे मांगे थे। श्रद्धा ने अपने घर से जेवर गायब होने के मामले पर भी बात की। उसके मुताबिक, शिवा उसके घर से पांच से छह लाख रुपये के जेवर ले गए थे। उसने इसे अपना निजी मामला बताते हुए दावा किया कि शिवा उसके करीबी थे और उन्हें जेवर ले जाने का हक था।

जेवर और पैसों को लेकर श्रद्धा की ओर से किए गए इन दावों की पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती। इन बातों की वास्तविकता जांच और संबंधित साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।

सदमे और डर के कारण शहर छोड़ने की बात कही

श्रद्धा दुबे ने वीडियो में बताया कि उसे सांस लेने में परेशानी समेत कुछ अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हैं। उसका कहना है कि शिवा की मौत की घटना के बाद वह सदमे में थी और इसी वजह से उसे शहर छोड़ना पड़ा। उसने कहा कि वह हालात का सामना करना चाहती थी, लेकिन मानसिक सदमे के कारण ऐसा नहीं कर सकी।

वीडियो के अंत में श्रद्धा ने पुलिस और न्यायपालिका से निष्पक्ष जांच की अपील की। उसने कहा कि केवल हत्या का आरोप लगा देने से किसी को पूरे देश के सामने अपराधी साबित कर देना न्याय नहीं है। उसके इस बयान के बाद मामले में जांच, साक्ष्यों और उसकी गिरफ्तारी को लेकर चर्चा फिर तेज हो गई है।

हालांकि, वीडियो जारी करना या खुद को बेगुनाह बताना किसी व्यक्ति के खिलाफ लगे आरोपों का अंतिम निपटारा नहीं है। मामले में दोष और जिम्मेदारी का निर्धारण जांच में सामने आने वाले तथ्यों तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।

नेपाल से पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक तलाश का दावा

श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें काम कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि उसकी तलाश में नेपाल के साथ-साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी विशेष टीमों को रवाना किया गया है। टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और उपलब्ध इनपुट के आधार पर उसकी गतिविधियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

पुलिस की ओर से तकनीकी सर्विलांस और प्राप्त सूचनाओं के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने के प्रयास तेज किए जाने की बात कही गई है। इसके बावजूद श्रद्धा की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। उसके लगातार वीडियो सामने आने से यह सवाल भी उठ रहा है कि पुलिस उसकी लोकेशन का पता लगाकर उसे गिरफ्तार करने में कब तक सफल होगी। हालांकि, वीडियो कहां से और कब रिकॉर्ड किए गए, इसकी पुष्टि के बिना उसकी मौजूदा लोकेशन के बारे में कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

दस दिन बाद भी गिरफ्तारी नहीं, जांच पर बढ़ा दबाव

शिवा शर्मा की मौत के मामले में करीब दस दिन बीतने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से शासन स्तर पर नाराजगी की बात सामने आई है। इसी पृष्ठभूमि में हजरतगंज के इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को शनिवार देर रात लाइन हाजिर किया गया था। अब एसीपी रजनीश वर्मा को पद से हटाए जाने की कार्रवाई भी सामने आई है।

लगातार हो रहे प्रशासनिक बदलाव इस मामले की गंभीरता और पुलिस कार्रवाई पर बढ़ते दबाव को दर्शाते हैं। दूसरी ओर, श्रद्धा दुबे के वीडियो में किए गए दावों और पुलिस की ओर से की जा रही तलाश के बीच मामले के कई पहलुओं का स्पष्ट होना अभी बाकी है। सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच से घटना के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।

फिलहाल पुलिस की तलाश जारी है और श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी नहीं हुई है। मामले में आगे की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि जांच एजेंसियां उपलब्ध साक्ष्यों का सत्यापन कर घटना के वास्तविक घटनाक्रम को किस तरह स्थापित करती हैं।

शिवा शर्मा की मौत के मामले में एक ओर पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई हो रही है, तो दूसरी ओर फरार श्रद्धा दुबे वीडियो जारी कर खुद को बेगुनाह बता रही है और सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग कर रही है। उसके दावों और मामले में लगे आरोपों की सच्चाई जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया से ही स्पष्ट होगी।



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